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Blogging Tips

Blogger.com Hindi शॉर्ट ब्लॉगिंग कोर्स 2023: नए ब्लॉगर्स के लिए

by Techaasvik November 6, 2023
written by Techaasvik

ब्लॉगिंग क्या है– ब्लॉगिंग एक बहुत आसान तरीका है, जिसकी मदद से आप अपने विचारों को लिखकर दूसरों के साथ शेयर कर सकते हैं। जैसे – अगर आपको किसी भी फिल्ड का अनुभव है तो इसके बारे में लिखकर आप दूसरों की सहायता कर सकते हैं। लेकिन ब्लॉगिंग करने के लिए आपको एक प्लेटफार्म की आवश्यकता होती है। उसके लिए आप Blogger.com Hindi की सहायता ले सकते हैं। यह गूगल का एक पब्लिक प्लेटफॉर्म है, इस पर आप खुद का एक ब्लॉग बना सकते हैं।

blogging tips in hindi

आज हम आपको एक छोटे से ब्लॉगिंग कोर्स में ज्यादा से ज्यादा और Valuable जानकारी देकर सीखाने की कोशिश करेंगे । इस शोर्ट कोर्स से आप निम्नलिखित विषय सीख सकते हैं –

  • Blogger.com पर अपना पहला ब्लॉग बनाना 
  • ब्लॉग के लिए सही Theme को चुनना 
  • ब्लॉग को कस्टमाइज कैसे करें
  • ब्लॉग के लिए Topic कैसे तैयार करें
  • ब्लॉग की Settings और Advance Setting करना 
  • Robot.txt लगाना 
  • ब्लॉग के लिए जरूरी Pages बनाना 
  • ब्लॉग के लिए Trending Topic और Category ढूंडना
  • पहला ब्लॉग पोस्ट लिखने से पहले कुछ सुझाव और Structure
  • Keyword Research कैसे करें 
  • SEO क्या है 
  • Meta tags & Meta Description
  • ब्लॉग पोस्ट का SEO करना

आपका Techaasvik.com ब्लॉग पर स्वागत है, चलिए शॉर्ट ब्लॉगिंग कोर्स को शुरु करते हैं –

Blogger.com Hindi क्या है

Blogger.com Hindi क्या है

Blogger.com Hindi यह गूगल की एक वेबसाइट है, जिसमें आप अपने लिए खुद का एक ब्लॉग बना सकते हैं। अपनी किसी स्किल, अपने एक्सपीरियंस को दूसरो के साथ शेयर कर सकते हैं। इसके अलावा दूसरे सभी ब्लॉगर्स के साथ संपर्क भी कर सकते हैं। Blogging में अपने कैरियर को शुरु करने के लिए यह प्लेटफॉर्म सबसे अच्छा है।

अपनी एक Niche को सिलेक्ट करें 

ब्लॉग बनाने से पहले अपनी Niche को सिलेक्ट करना जरूरी होता है, क्युकी यही आपके ब्लॉग के टॉपिक्स को सही ऑडियंस तक पहुंचाता है। जिसकी वजह से ब्लॉग पर ट्रैफिक आता है। आपको किस Niche पर काम करना है, इसके लिए आप गूगल पर सर्च करके ढूंढ सकते हैं। ब्लॉग को बनाने से पहले इस स्टेप्स को फ़ॉलो करना ज़रूरी होता है। कुछ Niches के Ideas हम आपको नीचे बता रहे हैं –

  1. Educaton
  2. Health & Fitness
  3. Personal Finance 
  4. Technology
  5. Finance
  6. Travel 
  7. Blogging 
  8. Home Improvement 

Blogger.com हिंदी में अपना ब्लॉग कैसे बनाएं

ब्लॉग क्रिएट करने से पहले इन सभी जरूरी पॉइंट्स का ध्यान रखना है। 

#1. ब्लॉग का नाम बनाएं 

ब्लॉग का नाम किसी कीवर्ड को लेकर बनाने की कोशिश कर सकते हैं या अपने नाम पर भी ब्लॉग का नाम रख सकते हैं। कीवर्ड और अपने नाम के मिश्रण का इस्तेमाल करके भी ब्लॉग का नाम रख सकते हैं। उदाहरण के लिए- 

  • Techaasvik
  • Gkexamtak
  • Hinditechdr
  • Finanaceguru

#2. जीमेल आईडी बनाएं

अपने ब्लॉग के नाम से एक जीमेल आईडी बनाने की कोशिश कर सकते हैं। ब्लॉग के नाम पर जीमेल आईडी बनाने से आगे इसके कुछ फायदे मिल सकते हैं।

#3. Blogger.com को ओपन करना है

Blogger.com को

अपने फोन या लैपटॉप में क्रोम या किसी दूसरे ब्राउज़र को ओपन करना है। Blogger.com लिखकर सर्च करना है और वेबसाइट को ओपन करना है। Create a Blog पर सिलेक्ट करना है। 

#4. अपने Gmail I’d से अकाउंट बनाना है

जो हमने जीमेल आईडी बनाने का तरीका बताया है या अपनी किसी जीमेल आईडी से Blogger.com में अपना अकाउंट बना लेना है।

#5. ब्लॉग के Title को लिखना है

Blogger.com

Title में अपने ब्लॉग का नाम लिखना है। उदाहरण के लिए जैसे हमनें The Xyz Info लिखा है। वैसे ही जो आपने अपने ब्लॉग का नाम सोचा है, उसको Title में टाइप करना है।

#6. ब्लॉग का एक एड्रेस बनाना है

blogger.com

Title बनाने के बाद अब आपको अपने ब्लॉग का एक एड्रेस बनाना है, जिसे ब्लॉग का URL कहते हैं। यहां Address में अपने ब्लॉग का नाम लिखें। 

Blogspot.com यह Subdomain पहले से ही Blogger वेबसाइट में लगा मिलता है। Blog Address URL को बनाने के लिए आप अपने ब्लॉग के Niche या किसी कीवर्ड का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। उदाहरण के लिए आप इस URL Address को देख सकते हैं – Example.com

Blogger का Subdomain लगने के बाद आपके ब्लॉग का URL ऐसा बन जायेगा – Example.blogspot.com 

नोट- अगर आपका दिया हुआ Blog Address Available नहीं होगा तो आपको उसके नीचे एक लाल रंग की लाइन में Sorry, This Blog Address Is Not Found लिखा दिखाई देगा। अगर आपको नीचे This Blog Address Is Available दिखाई दे रहा है। इसका मतलब आप इस Address से अपनी Website का URL बना सकते हैं।

#7. Display Name लिखना है

जो आप अपने रीडर्स को कंटेंट में नाम दिखाना चाहते हैं, वो नाम Display Name में लिखना है। इसमें आप अपना या अपने ब्लॉग का नाम लिख सकते हैं। 

Blogger.com Hindi -अपने ब्लॉग के लिए एक Responsive Theme सिलेक्ट करें 

ब्लॉग को सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए एक Responsive Theme को सिलेक्ट करना ज़रुरी होता है। 

एक Responsive Theme का काम होता है कि जो कंटेंट ब्लॉग पर पब्लिश किया जाता है, वह लैपटॉप, टैबलेट, कंप्यूटर और फोन के स्क्रीन साइज़ के अनुसार ढाल कर यूजर्स को दिखाए। यह ब्लॉग को यूजर के डिवाइस स्क्रीन साइज़ के अनुसार बदल देती है। जिससे ब्लॉग सभी डिवाइस में आसानी से तेज गति से खुलने में मदद करता है। क्योंकि अगर Theme ही सही नहीं होगी तो ब्लॉग भी अच्छे से कस्टमाइज नहीं कर सकते और बाद में गूगल सर्च कंसोल में काफी सारे Errors या अन्य दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

एक अच्छी Theme में Speed Optimisation, Responsive, SEO Ready Theme, SEO Friendly, Lightweight, Fast Loading, Customizable जैसी सभी क्वॉलिटी होनी चाहिए।

कैसे पता करें Theme responsive है या नहीं 

आप रिस्पॉन्शिव थीम को तीन तारीकों से पता कर सकते हैं-

#1. पहला तरीका –

थीम Responsive है या नहीं यह चेक करने के लिए आपको ब्लॉग वेबसाइट को laptop ब्राउज़र में open कर लेना है। इसके बाद ब्राउज़र विंडो को छोटा करके देखना है। अगर ब्लॉग वेबसाइट भी ब्राउज़र विंडो के साथ अपना साइज़ बदल रही है इसका मतलब है कि आपकी थीम Responsive हैं।

#2. दूसरा तरीका- 

Laptop ब्राउज़र में अपनी वेबसाइट खोल कर Ctrl+Shift+I बटन दबाएँ और अलग अलग डिवाइस के हिसाब से Responsiveness चेक करें।

#3. तीसरा तरीका –

आप ऑनलाइन किसी Theme Responsiveness Checker टूल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Blogger.com Hindi के लिए कुछ बेहतरीन Responsive Theme 

Blogger.com Hindi के डैशबोर्ड में कुछ Themes पहले से होती हैं, अगर आप कोडिंग करना जानते हैं तो उन्हें अपने हिसाब से कस्टमाइज करके ब्लॉग में लगा सकतें हैं। लेकिन अगर आप कोडिंग नहीं जानते हैं या आपको वह थीम पसंद भी नहीं आ रही हैं तो आप Google से थीम टेम्पलेट को लेकर लगा सकते हैं। 

आप नीचे दी गयी कुछ Themes को इस्तेमाल कर सकते है इन Themes को हमारे टेलीग्राम चैनल से ले सकते हैं या इनकी ऑफिशियल वेबसाइट से भी ले सकते हैं।

  • Galaxy Theme
  • SuperMag Theme 
  • Litespot Blogger 
  • Tutorial Blogger Theme 
  • Pixy Newspaper 10 Theme 

#1. Blogger.com में Theme कैसे लगाएं

Theme को लगाने के लिए अपने Blogger.com Hindi के डैशबोर्ड में आना है और Theme के ऑप्शन को सिलेक्ट करना है। जो थीम Blogger.com Hindi में पहले से दी हुई हैं, उनमे से एक थीम को सिलेक्ट करके Apply को सिलेक्ट करना है। उदाहरण के लिए हम इस थीम को ब्लॉग के लिए सिलेक्ट करते हैं –

 Blogger.com में Theme कैसे लगाएं

#2. Blogger.com Hindi में Custom Theme को लगाना सीखें

अपने ब्लॉग में Custom थीम लगाने के लिए इन बिन्दुओं को पढ़ें। उदाहरण के लिए हम Galaxy Theme को लगाकर आपको समझा रहें हैं। 

Galaxy Theme
  • ब्लॉगर के डैशबोर्ड में Theme के ऑप्शन पर सिलेक्ट करना है।
  • Customise के साइड वाले Drop Menu में Restore के ऑप्शन को सिलेक्ट करना है।
  • Upload पर सिलेक्ट करना है।
  • जिस Theme को लगाना है उस फाइल को अपलोड करना है।
  • फिर एक बार Customise के Side वाले Drop Menu को सिलेक्ट करना है। 
  • नीचे Mobile Settings पर सिलेक्ट करना है और Desktop पर सिलेक्ट करके Save करना है।

Theme को कस्टमाइज कैसे करें

थीम को कस्टमाइज करके आप अपने ब्लॉग को एक अलग, सुंदर और नया रूप दे सकते हैं। जिससे आपका ब्लॉग और भी आकर्षित हो जाता है। अपनी आवश्यकता के अनुसार भी थीम में बदलाव कर सकते हैं। 

लेकिन ध्यान दें कि Blogger.com Hindi में Theme को अपने अनुसार कस्टमाइज करने के लिए आपको Html और Css की जानकारी होनी चाहिए। इसके अलावा यदि आपके पास Html और Css कोड हैं तो आप उन्हें थीम में लगाकर सुंदर बना सकते हैं। इसके अलावा आप एक प्रीमियम थीम टेम्पलेट भी ऑनलाइन खरीद सकते हैं। 

Theme Customize

थीम कस्टमाइज के Option में जाएँ। इसमें आप थीम का कलर और कुछ एडवांस थीम सेटिंग्स कर पाएंगे। सभी थीम में यह एडवांस सेटिंग नहीं होती है क्यूंकि सभी थीम में Css कोडिंग अलग अलग होती है। 

Layout Settings कैसे करें और किन बातों का ध्यान रखें 

Layout सेटिंग में आपको प्राइमरी मेनू, फूटर मेनू, राइट साइडबार मेनू, लोगो और सोशल मीडिया लिंक को सेटअप करना होता है। इसीलिए ध्यान दें, यह स्टेप बहुत ज्यादा ध्यान से और सोच समझकर करना होता है क्यूंकि मेनू के नाम बार-बार बदलने से आपको गूगल सर्च कंसोल में कुछ दिक्कतों को सामना करना पड़ सकता है। इसीलिए अच्छा होगा कि आप ब्लॉग का मेनू सोच समझकर ही बनाएं।

ब्लॉग मेनू अपने ब्लॉग की Category से Related बनाएं और ऐसे मेनू बिलकुल ना बनाएं जिनका मीनिंग Same हो। जैसे – Blogging Tips और Blogging

मैं गैलेक्सी थीम की Settings के बारे में बता रहा हूँ आपके पास Options अलग दिख सकते हैं लेकिन Settings Same ही होती है इसीलिए ध्यान से समझकर करें या आप हमें Comment करके भी पूछ सकते हैं। अब सबसे पहले Canva.com पर जाकर अपने ब्लॉग के लिए एक बढ़िया लोगो बना लें।

अब आपको Blogger.com hindi Dashboard में Layout में आना है।

Main Menu / Primary Menu 

  • टॉप मेनू में जाकर Link list पर आकर मेनू Create करने के लिए Add A New item में जाएँ।
  • अब Site Name में पेज का नाम टाइप करें जैसे – Blogging Tips 
  • Site URL में आपको इस Menu का Url डालना है।

जिस मेनू का लिंक लगाना चाहते हैं उस मेनू के लिए एक पोस्ट लिखें और लेबल में इस मेनू का Tag डाल दें जैसे – Blogging Tips इसके बाद पोस्ट को खोल कर सबसे नीचे चले जाएँ और Tag पर क्लिक करें और Addressbar से लिंक कॉपी कर लें। अब इस केटेगरी के लिंक को Site Url में Paste कर दें।

अब Save कर दें। आपको इसी तरह से Primary मेनू बनाने होगे जैसे –  Blogging, Seo, WordPress आदि।

नोट:- अगर आप Sub Menu बनाना चाहते हैं तो आपको Site Name के आगे एक अंडरस्कोर का इस्तेमाल करना होगा जैसे अगर आप Seo के नीचे Off Page Seo नाम की Sub Menu बनाना चाहते हैं तो टाइप करें -_Off Page Seo     

Top Menu / Secondary Menu 

  • यह मेनू Primary मेनू के उपर दिखाई देती है, 
  • टॉप मेनू में जाकर लिंक लिस्ट पर आकर मेनू क्रिएट करने के लिए Add A New Item में जाएँ।
  • अब Site Name पेज का नाम टाइप करें उदाहरण के लिए- Home.
  • Site URL में आपको होमपेज का Url डालना है जैसे – https://techaasvik.com/  अब save कर दें।
  • आपको इसी तरह से सभी Pages मेनू बनाने होगे जैसे – About Us, Contact Us, Privacy आदि।

नोट:- अगर आप Sub Menu बनाना चाहते हैं तो आपको site name के आगे एक अंडरस्कोर का इस्तेमाल करना होगा जैसे अगर आप About Us के नीचे Contact नाम की Sub Menu बनाना चाहते हैं तो टाइप करें -_contact

Top Social icons / Follow Us

Blogger.com Hindi में सोशल आइकॉन लगाने के लिए भी आपको टॉप सोशल Icons में जाकर Link List बनानी होगी। जैसे Site नाम में Facebook लिखें और Site Url में अपने Facebook Account का लिंक डालें – https://facebook.com/techaasvik

Main Logo

इसमे जाकर Upload Image From Computer पर जाएँ और अपना लोगो Upload कर दें यह Process फूटर के लिए भी करना है।

Right Sidebar

इसमें आप पोपुलर पोस्ट, केटेगरी या लेबल, About, Search Blog आदि लगा सकते हैं या अपने अनुसार भी कुछ रख सकते हैं। यह सब आप Add A Gadget में जाकर Add सकते हैं।

Main Recent Posts

इसमें जाकर आप रीसेंट में लिखी हुई पोस्ट को अपने Homepage पर दिखाने के लिए सेट कर सकते है। जैसे कि आप 5 पोस्ट दिखाना चाहते हैं तो Number of Posts on Main Page में 5 टाइप करें और Save करें।

Footer Menu

अपने ब्लॉग की फूटर मेनू में आप यह लिंक list बनाएं – Home, About, Contact us, Privacy Policy, Disclaimer.

आप अपनें हिसाब से थीम के Layout को Customise कर सकते हैं क्युकी हर थीम के Layouts अलग-अलग हो सकते हैं।

Blogger.com में Advance Settings कैसे करें

थीम लगाने के बाद Blogger.com Hindi में कुछ ज़रुरी सैटिंग्स करनी ज़रुरी होती हैं, जिससे गूगल में सर्च करने से आपका ब्लॉग आसानी से दिखाई देता है। सैटिंग्स करने के बाद ब्लॉग सही तरीके से काम करता है। सैटिंग्स करने के लिए Blogger.com Hindi के डैशबोर्ड में आना है।

Description लिखें 

अपने ब्लॉग के लिए एक डिस्क्रिप्शन लिखना है। जो कम से कम 500 कैरेक्टर्स का इस्तेमाल करके बनाना है, इसमें अपनी Niche के अनुसार कुछ कीवर्ड्स को भी शामिल कर सकते हैं।

Blog Language सिलेक्ट करें 

इसमें आपको अपने ब्लॉग की भाषा सिलेक्ट करनी होती है, उदाहरण के लिए हम हिंदी भाषा को सिलेक्ट कर लेते हैं। आप कोई भी भाषा को सिलेक्ट कर सकते हैं।

Privacy

  • इसमें आपको विजिबल टू सर्च इंजन के ऑप्शन को ऑन पर ही रखना है।
  • Https को एनेबल करना 
  • इसमें आपको Https Redirect के ऑप्शन पर सिलेक्ट करके ऑन करना है। 
  • Comments Moderation को सिलेक्ट करें 
  • इस ऑप्शन में आपको “Never” से हटाकर “Always” पर Select करना है, इसकी मदद से आपके ब्लॉग पर कोई स्पैम कॉमेंट नहीं कर सकता है।

Formatting को सिलेक्ट करें 

  • इसमें आपको अपनी कंट्री के अनुसार टाइम जोन को सिलेक्ट करना है। उदाहरण के लिए इंडिया को सिलेक्ट करते हैं तो इसका टाइम जोन (GMT+05:30) India Standard Time – Kolkata” को सिलेक्ट करना है।
  • Meta Tags को सिलेक्ट करें 
  • इसमें Enable Search description के इस ऑप्शन को ऑन पर सिलेक्ट करना है। 
  • Search Description में आपको कुछ मेटा टैग का इस्तेमाल करना है। कम से कम इसको 150 वर्ड्स में लिख सकते हैं। इसके अलावा आप अपने Niche के अनुसार कीवर्ड का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। 

Crawlers And Indexing को सिलेक्ट करें

इसमें आपको Enable Custom Robots. Txt के ऑप्शन को ऑन पर सिलेक्ट करना है।

Robot.txt

इसमें आपको एक Custom Robots.Txt फाइल को लगाना होता है। जिसमें अपने ब्लॉग का साइटमैप नेविगेशन को बनाकर Robot.Txt में लगाना होता है, जिसकी मदद से आपका ब्लॉग गूगल सर्च में सबमिट होता है। 

Robots Header Tags को सिलेक्ट करें

Enable Custom Robots Header Tags के ऑप्शन को ऑन पर सिलेक्ट करना है। 

Home Page Tags 

इसमें आपको “All” , “Noodp” को सिलेक्ट करके सेव करना है। 

Archive and Search Pages Tags

इस ऑप्शन को ओपन करके आपको “Noindex” , “Noodp” को सिलेक्ट करना है और सेटिंग को सेव करना है। 

Post And Pages 

इस ऑप्शन को ओपन करके आपको “All” , “Noodp” को सिलेक्ट करना है और सेटिंग को सेव करना है।

Blogger.com में जरूरी Pages कैसे बनाएं 

ब्लॉग बनाने के बाद कुछ जरूरी Pages को बनाकर अपने ब्लॉग में लगाना जरूरी होता है। गूगल के अनुसार ये Pages ब्लॉग में होने जरूरी होते हैं,  जो नीचे बताए गए हैं।

Privacy Policy

ब्लॉग में Privacy Policy का पेज लगाने से आपका ब्लॉग प्रोफेशनल लगता है। जिससे गूगल और ब्लॉग पर आने वाले सभी विजीटर्स आपके ब्लॉग पर विश्वास कर सकते हैं की आपका ब्लॉग उनके लिए भरोसेमंद है। प्राइवेसी पॉलिसी पेज ना होने की वजह से आपके ब्लॉग को नुकसान भी हो सकता है। इस पेज को बनाने के लिए इन स्टेप्स को फ़ॉलो करें –

  • Privacy Policy के जेनरेट टूल को ओपन करना है।
  • अपने ब्लॉग का नाम लिखना है।
  • अपने ब्लॉग का URL लिखना है।
  • अपनी ईमेल पता लिखना है।
  • Cookies का इस्तेमाल करते हैं तो Yes नहीं करते हैं तो No पर सिलेक्ट करना है।
  • थर्ड पार्टी सर्विस में जो ऑप्शन दिए हैं, उनका इस्तेमाल करना है तो Yes नहीं करना है, तो No पर सिलेक्ट करना है।
  • दी गई जानकारियों को चेक करके Generate Code पर सिलेक्ट करना है।
  • पूरे कोड को कॉपी करना है।
  • ब्लॉगर डैशबोर्ड में Page के सेक्शन में आकर New Page पर सिलेक्ट करना है।
  • Title में Privacy Policy लिखना है।
  • कॉपी किए गए कोड को Content में पेस्ट करके Privacy Policy के पेज को पब्लिश करना है।

Terms & Conditions

ब्लॉग पर आने वाले सभी विजीटर्स को इस पेज की मदद से आपके ब्लॉग के बारे में जानकारी मिलती है। कि उन्हे किन किन बातों का ध्यान रखना है और आपके ब्लॉग पर कितने प्रकार की शर्ते लागू की गई हैं। 

Terms & Conditions की मदद से ब्लॉग को सुरक्षा मिलती है। जिससे ब्लॉग पर आने वाले कॉपीराइट नीति या प्राइवेसी, जैसी कुछ समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। इस पेज को बनाने के लिए इन स्टेप्स को फ़ॉलो करें –

  • Terms & Conditions के जेनरेट टूल को ओपन करना है।
  • अपने ब्लॉग का नाम लिखना है।
  • अपने ब्लॉग का URL लिखना है।
  • अपनी ईमेल पता लिखना है।
  • दी गई जानकारियों को चेक करके Generate Code पर सिलेक्ट करना है।
  • पूरे कोड को कॉपी करना है।
  • ब्लॉगर डैशबोर्ड में Page के सेक्शन में आकर New Page पर सिलेक्ट करना है।
  • Title में Terms & Conditions लिखना है।
  • कॉपी किए गए कोड को Content में पेस्ट करके Terms & Conditions के पेज को पब्लिश करना है।

Disclaimer

इस पेज की मदद से आप अपने ब्लॉग पर आने वाले विजीटर्स को अपने ब्लॉग का उद्देश्य बताते हैं। कि आपके ब्लॉग पर पोस्ट होने वाली सभी जानकारियां नॉलेजिएबल या एजुकेशनल होती हैं। 

जिनसे आपका कोई वास्तविक निजी मतलब नहीं होता है। Disclaimer Page की मदद से आप अपने ब्लॉग पर कानूनी या अलग हानि देने वाली चीजों से दूर रख सकते हैं। इस पेज को बनाने के लिए इन स्टेप्स को फ़ॉलो करें-

  • Disclaimer के जेनरेट टूल को ओपन करना है।
  • अपने ब्लॉग का नाम लिखना है।
  • अपने ब्लॉग का URL लिखना है।
  • अपनी ईमेल पता लिखना है।
  • दी गई जानकारियों को चेक करके Generate Code पर सिलेक्ट करना है।
  • पूरे कोड को कॉपी करना है।
  • ब्लॉगर डैशबोर्ड में Page के सेक्शन में आकर New Page पर सिलेक्ट करना है।
  • Title में Disclaimer लिखना है।
  • कॉपी किए गए कोड को Content में पेस्ट करके Disclaimer के पेज को पब्लिश करना है।

About Us

इस पेज की मदद से आप अपने विजीटर्स को अपने ब्लॉग के साथ कनेक्ट होने की वजह देते हैं। जिसमें आप अपने ब्लॉग के बारे में, अपने बारे में जानकारी दे सकतें हैं। अपनी टीम मैंबर्स, कॉन्टैक्ट की जानकारी, और भी जानकारी आप About Us के पेज में दे सकतें हैं। About Us के पेज को इंप्रेसिव बनाने के लिए आप इन तरीकों को अपना सकते हैं।

  • अपने ब्लॉग का Introduction लिखना है।
  • अपने ब्लॉग के Goal को साफ तरीके से समझाएं कि इस ब्लॉग से विजीटर्स को क्या फायदे मिलेंगे।
  • अपने ब्लॉग की स्टार्टिंग या स्टोरी लिख सकते हैं। 
  • अपनी हॉबीज, इंट्रेस्ट, एजुकेशन, अपनी स्किल के बारे में बता सकते हैं।
  • अपने ब्लॉग के रीडर्स के साथ कनेक्ट होने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट्स को शेयर कर सकते हैं।
  • अपने About Us के पेज को Mobile Usability को ध्यान रखकर डिजाइन कर सकते हैं।

Contact Us

Contact Us Page एक ब्लॉग के लिए बहुत ज़रुरी होता है। इस पेज की मदद से आपके ब्लॉग रीडर्स आपके साथ संपर्क कर सकते हैं। अपनी क्वेरीज या कोई प्रश्न आपसे पूछ सकते हैं। Contact Us Page बनाने के लिए इन स्टेप्स को फ़ॉलो करें –

  • हमारे टेलीग्राम चैनल से Contact Us Page नाम के पीडीएफ को ओपन करना है।
  • पूरे कोड को कॉपी करना है।
  • ब्लॉगर डैशबोर्ड में Page के सेक्शन में आकर New Page पर सिलेक्ट करना है।
  • Title में Contact Us लिखना है।
  • कॉपी किए गए कोड को Content में पेस्ट करके 
  • Contact Us के पेज को पब्लिश करना है।

DMCA 

डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट, यह यूनाइटेड स्टेट्स एक का कानून है। जो ब्लॉग या वेबसाइट की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। DMCA के पेज को अपने ब्लॉग में लगाने से आप अपने कंटेंट को चोरी होने से बचा सकते हैं। DMCA Page बनाने के लिए इन स्टेप्स को फ़ॉलो करें –

  • हमारे टेलीग्राम चैनल से DMCA नाम के पीडीएफ को ओपन करना है।
  • पूरे Text को कॉपी करना है।
  • ब्लॉगर डैशबोर्ड में Page के सेक्शन में आकर New Page पर सिलेक्ट करना है।
  • Title में DMCA लिखना है।
  • कॉपी किए गए Text को Content में पेस्ट करके 
  • DMCA के पेज को पब्लिश करना है।

ब्लॉग पोस्ट के लिए Trending Topics ढूंढे

अपने ब्लॉग के लिए Trending टॉपिक्स ढूंडने के लिए आप इनका इस्तेमाल कर सकते हैं –

  • Google Trends
  • News Websites
  • Google Search Results
  • People Also Ask

अपना पहला ब्लॉग पोस्ट कैसे लिखें 

अपने ब्लॉग पोस्ट को यूजर्स के लिए सरल बनाना जरूरी होता है। जिससे यूजर्स को पोस्ट पढ़ने में कन्फ्यूजन न हो और यूजर्स आसानी से पोस्ट पढ़ सकें। इसीलिए ब्लॉग पोस्ट को हमेशा एक Defined Structure में ही लिखना चाहिए। इससे यूजर्स का रीडिंग एक्सपीरियंस बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है और आपका ब्लॉग गूगल सर्च इंजन में रैंक भी कर सकता है। 

ब्लॉग पोस्ट का स्ट्रक्चर कुछ ऐसा होना चाहिए। इसको हैडिंग बिन्दुओं में बताया गया है, जिससे आप आसानी से समझ पाएंगे कि ब्लॉग पोस्ट की फॉर्मेटिंग कैसे कर सकते हैं –

Title 

अपनी पोस्ट के लिए एक अट्रेक्टिव और कैची टाइटल लिखें, जिससे यूजर्स का ब्लॉग पोस्ट पर ध्यान केंद्रित हो सके। टाइटल की लंबाई 50 से 65 वर्ड्स तक की होनी चाहिए।

Introduction

ब्लॉग पोस्ट के इंट्रोडक्शन में हमेशा आपको अपने पोस्ट की Summary देनी होती है। जो अनुभव आप दूसरों के साथ शेयर करना चाहते हैं उन मुख्य बिन्दुओं को शेयर करें और बताएं कि यूजर को इसे पढने से क्या फायदा होने वाला है। इसीलिए एक ब्लॉग पोस्ट में उसका Introduction ही मुख्य हिस्सा होता है, जिसके कारण रीडर्स का ब्लॉग पोस्ट आगे पढ़ने के लिए इंट्रेस्ट बनता है। इसमे ब्लॉग पोस्ट के Total Words का 10% हिस्सा ही लिखना होता है। जैसे – 1500 Words के पोस्ट में 150 Word इंट्रोडक्शन होना चाहिए 

Featured Images लगाएं

जैसे Youtube का थंबनेल होता है वैसे ही यह फीचर फोटो होती है

ब्लॉग पोस्ट को और ज्यादा आकर्षित बनाने के लिए पोस्ट में इमेज, Gif, वीडियो का इस्तेमाल कर सकते हैं। जिससे रिडर्स आपके ब्लॉग पोस्ट को आसानी से समझ आए। सभी फोटो को Webp फॉर्मेट में लगाना चाहिए इससे पेज slow नहीं होगा और पेज का साइज़ भी कम रहेगा। सबसे अच्छी बात कि पेज जल्दी खुलेगा। 

ब्लॉग पोस्ट में इमेज कैसे लगाएं 

  • Blogger.com hindi के डैशबोर्ड में आना है।
  • New Post पर सिलेक्ट करना है।
  • Insert Image पर सिलेक्ट करना है।
  • Choose Files पर सिलेक्ट करना है।
  • Select an image from your computer or Google Photos
  • Add selected पर क्लिक करें
  • Image properties में, Size, Alignment, Caption, Alt text, etc. सेट करें
  • Update करें

Outlines ( Heading लगाना शुरू करें )

ब्लॉग पोस्ट में Outlines लगाने का अपना एक महत्व है, जिसकी वजह से यूजर्स को पोस्ट पढ़ने में इंटरेस्टेड लगता है। Outlines को सही क्रम में लगाना ज़रूरी होता है।

  • H1 का केवल एक बार इस्तेमाल किया जाता है, जो खुद से Title में लगा होता है।
  • H2 एक हेडिंग होती है, जिसको क्वेश्चन बनाने के लिए या दूसरी लाइन बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • H3 से H6 तक Sub Headings होती हैं, जिनका इस्तेमाल प्रश्न के पार्ट बनाने के लिए किया जा सकता है।

Paragraph 

हर एक हैडिंग लिखने के बाद, उनके बारे में विस्तार से Paragraph के अंदर लिखना चाहिए। ब्लॉग पोस्ट को सही तरीके से फॉर्मेट करने के लिए जहां जरूरत हो उसको नंबर्स और बुलेट्स पॉइंट्स में जरुर लगाइए। फॉन्ट, कलर का इस्तेमाल कर सकते हैं। पोस्ट में ज़रुरी शब्दों को बोल्ड और अंडरलाइन कर सकते हैं, इससे ब्लॉग पोस्ट की अच्छे से फॉर्मेटिंग के साथ ब्लॉग पोस्ट और भी सुंदर लगता है।

Conclusion ( निष्कर्ष )

ब्लॉग पोस्ट में Conclusion लिखना एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसको 50- 100 Words का लिखना चाहिए, जिसमें आप अपने रीडर्स से ब्लॉग पोस्ट से संबंधित फीडबैक मांग सकते हैं। निष्कर्ष में अपने अगले ब्लॉग पोस्ट के बारे में बता सकते हैं और कीवर्ड का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। 

FAQs

ब्लॉग पोस्ट के बारे में गूगल सर्च से रिलेटेड प्रश्नों को ढूंड कर उन्हें यहाँ लिखकर सभी का उत्तर दें। जो People Also Ask के सेक्शन में देखने को मिलते हैं। 

ब्लॉग पोस्ट गूगल सर्च रिजल्ट में कैसे और कब दिखेंगा 

अपना पहला ब्लॉग बनाकर पहली पोस्ट लिखना ही काफी नहीं हैं। क्योंकि सिर्फ इतना करने से ही हमारा ब्लॉग और ब्लॉग पोस्ट गूगल सर्च रिजल्ट में नहीं दिखते हैं। इनको हमें एक बार Manually Add करना होता है। अपने ब्लॉग वेबसाइट और सभी पोस्ट को गूगल सर्च रिजल्ट में दिखाने के लिए हमे ब्लॉग वेबसाइट, ब्लॉग पोस्ट, और साइटमैप को गूगल सर्च कंसोल में सबमिट करना जरूरी होता है। 

Sitemap सबमिट करने के कुछ देर बाद या 24 Hour के अंदर ही ब्लॉग और ब्लॉग पोस्ट गूगल सर्च में दिखना शुरू हो जाता है। आपको अपनी पोस्ट को Manually इंडेक्स भी करना पड़ सकता है। अगर आप ब्लॉग वेबसाइट और ब्लॉग पोस्ट को इंडेक्स करना सीखना चाहते हैं तो इसे पढ़ें –

गूगल सर्च Result रैंकिंग #1 क्या है –

इंडेक्स होने के बाद आपकी पोस्ट गूगल सर्च रिजल्ट में किस Keyword पर कौन सी Position पर रैंक कर रही है, इसको हम Google रैंकिंग कहते हैं। जब हमारी पोस्ट किसी Keyword पर 1st यानी टॉप पर रैंक करती है तो इसे #1 रैंकिंग कहते हैं।  

लेकिन ब्लॉग पोस्ट को गूगल में रैंक करवाने के लिए ब्लॉग पोस्ट का SEO यानी सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन करना बहुत जरूरी होता है। तभी आप गूगल के 1st पेज पर अपनी पोस्ट को दिखा सकते हैं। हालाँकि हम निश्चित तौर पर नहीं कह सकते कि आपका पेज गूगल सर्च में 1st Position पर रैंक जरुर करेगा। लेकिन गूगल के अनुसार ब्लॉग को रैंक करने के लिए Seo एक बेस्ट प्रैक्टिस होती है। इसीलिए ब्लॉग पोस्ट का Seo Friendly होना जरूरी होता है। 

Seo क्या है 

ब्लॉग का Seo करने से ब्लॉग पर ट्रैफिक आने की संभावना बढ़ सकती है। Seo एक सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन होता है, जिसकी मदद से आप अपने ब्लॉग को सर्च इंजन में रैंक कर सकते हैं। जिससे ब्लॉग पर ऑर्गेनिक ट्रैफिक आ सकता है।

ब्लॉग पोस्ट का Seo करना सीखें 

ब्लॉग पोस्ट इस प्रकार से लिखाना होता है जिससे पोस्ट Search Engine के सभी अलग Parameters को पूरा कर सकते हैं। ऐसा करने से ब्लॉग पोस्ट सर्च इंजन में 1st पेज पर आ सकता है।

पहला ब्लॉग पोस्ट की कुछ जरूरी Settings करें 

ब्लॉग पोस्ट का Seo करना सीखें 

Labels क्या है 

Labels लगाने का मतलब होता है, किसी पोस्ट को उसकी कैटेगरी के साथ जोड़ना। इसकी मदद से रीडर्स ब्लॉग पोस्ट को आसानी से ढूंढ सकता है। 

Permalink क्या है 

इस ऑप्शन में अपने ब्लॉग पोस्ट का परमालिंक सेट करना होता है, जिसे पोस्ट का URL कहते हैं। गूगल में रैंक करने के लिए परमालिंक को Seo Friendly बनाना चाहिए।

कस्टम परमालिंक बना सकते हैं, उसके लिए Custom Permalink पर सिलेक्ट करके अपना टाइटल लिखें और उसमें ” – ” का इस्तेमाल करें। उदाहरण के लिए – seo-friendly-permalink 

Location क्या है 

इस ऑप्शन की मदद से आपके रीडर्स को यह जानकारी मिलती है की आपकी पोस्ट कहां लिखी गई है। इसलिए ब्लॉग पोस्ट में लोकेशन को सेट करना चाहिए।

Options सेटिंग क्या है 

इसमें आप अपनें पोस्ट की एडवांस सैटिंग्स कर सकते हैं, जिसमें आपको कॉमेंट को मॉडरेट, रीडर्स और बैकलिंक जेसी कुछ सैटिंग्स को कर सकते हैं।

Schedule क्या है

इसकी मदद से पोस्ट का पब्लिश करने का समय तय कर सकते हैं, जिससे यूजर्स को पोस्ट पब्लिश की जानकारी मिल सके। 

Description बनाने के लिए 

इसमें अपनें ब्लॉग पोस्ट का 150 वर्ड्स का एक शॉर्ट डिस्क्रिप्शन लिखना होता है।

निष्कर्ष –

आज के इस लेख में हमनें सीखा है कि, Blogger.com पर अपना पहला कैसे ब्लॉग बनाना है,ब्लॉग के लिए एक सही Theme को कैसे चुनें, ब्लॉग को कस्टमाइज कैसे करें, ब्लॉग के लिए Topic कैसे तैयार करें। इसके अलावा ब्लॉग की Settings और Advance Setting करने के बारे में विस्तार से बताया है।

अगर आपको हमारी यह पोस्ट थोड़ी भी पसंद आई हो तो प्यारी सी कमेंट्स जरुर करें और हमे फॉलो जरुर करें। अंत तक पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद राधे राधे।

November 6, 2023 0 comments
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Feed Url
Blogging Tips

Feed Url क्यूँ बनते हैं-कैसे Disable करें:Google Search Console

by Techaasvik May 31, 2023
written by Techaasvik

What Is a Rss Feed Url – अच्छे Seo की पहचान होती है, गूगल सर्च कंसोल का डैशबोर्ड एक दम साफ़ सुथरा दिखाई देना। मतलब किसी भी पेज में एरर नहीं होना चाहिए। गूगल सर्च कंसोल में जितने भी Pages हैं, वो सभी इंडेक्स जरुर होने चाहियें और Not Index Pages का नंबर कम से कम होना चाहिए। 

लेकिन वर्डप्रेस वेबसाइट पर जो लोग अपनी वेबसाइट होस्ट कर रहे हैं, उन्हें Not Index Pages की यह प्रॉब्लम जरुर आ रही होगी। क्योंकि यह Pages अपने आप बढ़ते रहते हैं और यह वर्डप्रेस वेबसाइट के एक Inbuilt फंक्शन के कारण होता है, जिसका नाम Feed Urls है |

Feed Url

ऐसे Pages, Google Search Console में Pages, पोस्ट, कैटेगरी, टैग्स, कमेंट्स, ऑथर और सर्च पेज के लिए बनते रहते हैं और google इन्हें इंडेक्स ही नहीं करता है |

इसीलिए आज के इस आर्टिकल में हम बात करेंगे कि इन Feed Urls का बनना सही है या गलत और Google इन्हें इंडेक्स क्यूँ नहीं करता है | इसके अलावा अगर इन Url को बनने से रोकने है तो उसका क्या Solution हो सकता है, अब इसके Permanent Solution को समझ लेते हैं |

Techaashvik.com, ब्लॉग में आपका स्वागत है तो चलो जान लेते हैं कि गूगल सर्च कंसोल में Feed Urls क्यूँ बनती है और इनको Disable करने के तरीकों क्या हो सकते हैं – 

1. Feed Urls क्या है –

Feed Urls वर्डप्रेस का एक ऐसा फीचर है जो आपकी वेबसाइट के नए कॉन्टेंट के बारे में सभी को बताता है। जैसे जब भी आप कोई नया Content पोस्ट करते हैं तो आपके यूजर्स को ईमेल नोटिफिकेशन के द्वारा नई पोस्ट का पता चल जाता है। यह सब Feed Url की वजह से होता है, इसी तरह Rss Feed Reader और बाकी कई तरह के एप्लीकेशन इन Feed Urls को इस्तेमाल करके आपकी वेबसाइट के कंटेंट को लोगों तक पहुंचाते हैं। जिसके कारण लोगों को आपके नए कंटेंट के बारे में पता चल जाता है |

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2. Feed URL के क्या नुकसान हो सकते हैं –

गूगल सर्च कंसोल में इन यूआरएल की वजह से Not Index Pages की संख्या लगातार बढ़ती रहती है और गूगल भी कहता है कि Not Index Pages ज्यादा नहीं होने चाहिए। लेकिन जैसे ही हम नया आर्टिकल लिखकर पोस्ट करते हैं, तो Feed यूआरएल बनने लग जाते हैं और गूगल के इंडेक्स ना करने की वजह से यह नोट इंडेक्स कैटेगरी में आ जाते हैं। जिसकी वजह से लगातार इनकी संख्या बढ़ती ही रहती है | 

3. Google feed urls को इंडेक्स क्यूँ नहीं करता है –

जितने भी Feed Url होते हैं वह सभी हमारे आर्टिकल के Permalinks के जैसे ही दिखाई देते हैं। बस फर्क इतना होता है कि यूआरएल के लास्ट में /feed/ लगा हुआ दिखाई देता है जैसा कि नीचे स्क्रीनशॉट में दिखाया गया है।

दूसरा एक और मुख्य कारण है कि जब हम इन Feed यूआरएल को ओपन करके देखते हैं, तो इनमें कोडिंग के अलावा कुछ और दिखाई नहीं देता है। लेकिन कोडिंग को हर कोई समझ नहीं सकता है, इसके अलावा इनमें कोई Visual Element भी नहीं होता है। जिससे पेज यूजर्स फ्रेंडली भी नहीं बन पाते है। 

मेरा कहने का मतलब है, कि इन Pages में यूजर्स के काम की कोई जानकारी नहीं होती है। इसलिए गूगल ऐसे पेजेस को इंडेक्स नहीं करता है और Crawled -Currently Not Index की कैटेगरी में डाल देता है |

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4. Feed URL को Permanent बंद कैसे कर सकते हैं –

अब अगर आप इस प्रॉब्लम से Permanent छुटकारा पाना चाहते हैं तो आपको सीधे-सीधे वर्डप्रेस के Feed Url के फंक्शन को ही बंद करना पड़ेगा। ताकि आपके गूगल सर्च कंसोल डैशबोर्ड में इस तरह का कोई यूआरएल क्रिएट ही ना हो | अगर आप Sure है कि आपके यूजर किसी भी Feed एप्लीकेशन को इस्तेमाल नहीं करते हैं तो आप इसे जरुर disable कर सकते हैं |

5. Feed Urls फंक्शन को बंद करने के 2 तरीके हैं –

  • Automatic Plugin
  • Manual

#1. Feed URL को Automatic Plugin से बंद करें –

Feed Urls फंक्शन को ऑटोमैटिक प्लगिन से बंद करने के लिए आपको अपनी वर्डप्रेस डैशबोर्ड को लॉगिन कर लेना है। अब जो स्टेप्स, मैं आप लोगों को बताऊंगा उन स्टेप्स को फॉलो करना है।-

  1. वर्डप्रेस के साइडबार में प्लगिन को सिलेक्ट करेंगे 
  2. Add New पर सिलेक्ट करेंगे।
  3. सर्च बार में टाइप करेंगे “DISABLE EVERYTHING”.
  4. इस Plugins को इंस्टॉल करेंगे और Activate को सिलेक्ट करेंगे।
  5. अब अपने साइड बार में प्लगिन को सिलेक्ट करना है और जितनी भी Plugins आपने इंस्टॉल कर रखी है। सभी आपके सामने दिखने लग जाएँगी।
  6. अब DISABLE EVERYTHING Plugins  को ढूंढना है और उसकी Settings को सिलेक्ट कर लेना है
  7. आपके सामने एक लिस्ट दिखने लग जाएगी इसमें आप किसी भी Unwanted Plugins को Disable कर सकते हैं |
  8. इस लिस्ट में आपको RSS Feeds वाले ऑप्शन को सिलेक्ट करना है |
  9. अब Save Changes को सिलेक्ट करना है |

और इस तरह से अब आपकी वर्डप्रेस वेबसाइट से Feed Urls बनना बंद हो जाएंगे। जिससे गूगल सर्च कंसोल में भी आपको Feed Urls देखने को नहीं मिलेंगे |

नोट:- जो लोग AIOSEO Plugin इस्तेमाल करते हैं। उन्हें कोई Plugin इनस्टॉल करने की आवश्यकता नहीं है क्यूंकि उसमे Rss Feed को बंद करने का Option पहले ही मिलता है |

#2. Rss Feed URL को Manual तरीके से बंद करें –

गूगल सर्च कंसोल में बनने वाले Feed Urls को अगर आप Manual बंद करना चाहते हैं, और आप अपनी वेबसाइट पर ज्यादा Plugins का बोझ भी नहीं डालना चाहते हैं। इसके अलावा Manual Settings करना इसलिए भी सही रहता है क्योंकि ज्यादा Plugins WordPress वेबसाइट कि स्पीड Slow कर सकती हैं |

इन बातों का ध्यान रखें :-

Manual Settings करने के लिए आपको अपनी WordPress वेबसाइट की Theme की function.php फाइल को एडिट करना होगा। इसके जरूरी स्टेप्स कौन-कौन से हैं आइए जान लेते हैं –

  1. सबसे पहले जहां से भी आपने होस्टिंग खरीदी है वहां अपनी होस्टिंग डैशबोर्ड में लॉगिन कर लेना है। मैंने Hostinger से अपने WordPress वेबसाइट की होस्टिंग खरीदी थी तो मैं Hostinger में अपने गूगल अकाउंट से login कर लेता हूं |
  2. अब File manager को open करना है |

#1. Bluehost Hosting पर File manager कैसे Open करें – 

  • पहले Bluehost Website को open करें और login कर लेना है |
  • अब Advanced के ऑप्शन को सिलेक्ट करके Files में File manager पर सिलेक्ट कर लेना है|

#2. Hostinger Hosting पर File manager कैसे Open करें-

  • Hostinger Website को ओपन करके उसको Login कर लेना है |
  • अब Top Menu में वेबसाइट के बटन को सिलेक्ट करना है।
  • अब Manage के ऑप्शन को सिलेक्ट करना है।
  • अब Dashboard में आपको File Manager को सिलेक्ट करना है |

अब File Manager को तो ओपन कर लिया है तो चलिए आगे की सेटिंग के बारे में बताता हूं।-

  1. अब आपको Public.html फाइल पर Double क्लिक करना है।
  2. अब आपको Wp-content फोल्डर पर  Double क्लिक करना है।
  3. अब आपको Themes फोल्डर पर Double क्लिक करना है ।
  4. अब आपने जो Theme Website में लगाई हुई है उसका नाम सेलेक्ट करना है।
  5. मैं Generatepress पर डबल क्लिक कर लेता हूँ।
  6. अब आपको Functions.php फाइल पर Right क्लिक करना है और Download कर लेना है, Backup के लिए।
  7. अब आपको फिर से Functions.php फाइल पर Right क्लिक करना है और Edit बटन पर क्लिक करना है। 
  8. सबसे नीचे Scroll करके आ जाना है और टेलीग्राम से कोड को कॉपी करके पेस्ट करना है।

अब Save कर दें। लीजिए आपका काम बन गया अब कोई भी Feed Url आपके गूगल सर्च कंसोल में दोबारा कभी नहीं बनेगी।

6. Rss Feed Urls Disable हो गयी या नहीं कैसे पता करें–

इन दोनों तरीकों में से किसी एक तरीकों को फॉलो करने के बाद आप जब भी कोई नई पोस्ट अपनी वेबसाइट पर डालेंगे। तो उसके 24 घंटे बाद गूगल सर्च कंसोल में वह पोस्ट अपडेट हो जाएगी। अगर Crawled – Currently Not Indexed में उसी Url का Feed Url आपको दिखाई नहीं देता है तो आप संतुष्ट हो सकते हैं। कि आपकी वेबसाइट पर Feed Url बनने बंद हो चुके हैं |

निष्कर्ष –

आज इस आर्टिकल में हमने आपको Feed URL क्या है, और इसको कैसे बंद करते हैं। उनके 2 अलग तरीको से बताया गया है। Feed Urls को बंद करके आप अपने गूगल सर्च कंसोल के Dashboard में Crawled – currently not indexed पेज बनने से रोक सकते हैं, और गूगल भी कहता है कि not indexed पेज  की संख्या कम होनी चाहिए | गूगल सर्च कंसोल के डैशबोर्ड में No Index Pages जितने कम होंगे| उतना ज्यादा आपका रैंकिंग में आने का चांस बढ़ सकता है| इन Feed Urls को आपको तभी बंद करना चाहिए जब आप Sure हो कि आपके यूजर, Feed यूआरएल का उपयोग नहीं करते हैं | 

Telegram

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अंत तक पढ़ने के लिए आपका, धन्यवाद राधे राधे।

FAQs

Ans:- Rss Feed Url को Disable करने के 2 तरीके हैं – 

  1. Automatic Plugin
  2. Manual by Editing function.php File

दोनों तरीके आर्टिकल में उपर अच्छे से समझाया गया है |

Ans:-

  • पहले WordPress website के dashboard में login करें |
  • अब sidebar में Yoast SEO पर क्लिक कर लें |
  • अब इसमें settings पर क्लिक करें |
  • अब Advanced पर क्लिक करके RSS पर क्लिक करें|
  • अब rss feed में 2nd text box में %%POSTLINK%% select करें |
  • अब save करें |

Ans:- Rss Feed WordPress Website के लिए बहुत जरूरी होती है लेकिन WordPress की यह फीचर अलग अलग पोस्ट , पेज और Author के लिए Individual Feed Url बना देती है और Google के क्रॉलर कभी भी Non Relevant Url को Crawl नहीं करते है |

इसके अलावा Rss Feed को Disable करके आप अपने website के Daily Crawl Quota को भी खतम होने से बचा सकते हैं |

Ans:- अपनी Website को दूसरों की Rss Feed में दिखने के लिए आपको Rss Feed जरूरत पड़ती है इससे आपकी Website पर Traffic बढ़ सकता है | इसके अलावा अपने ब्लॉग पोस्ट को ईमेल या अन्य तरीको से दूसरों तक पहुँचाने का यह एक अच्छा तरीका है

May 31, 2023 0 comments
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Permalink Se more Kaise Remove Karen
Blogging Tips

Permalink Se #more Kaise Remove Kare Without Any Plugin 2023

by Techaasvik May 4, 2023
written by Techaasvik

जो भी WordPress Users, GeneratePress की premium theme Use कर रहे हैं उनको एक समस्या देखने को ज़रूर मिल रही होगी “Permalink में #more” की, किसी भी ब्लॉग पोस्ट को Read More बटन पर क्लिक करके Open करके देखो तो उन Permalink के आगे #more और उसके आगे कुछ numbers 🔢 show करते ही है, किसी post की permalink में show होता है और किसी में नहीं तो आपने कभी इसके बारे में सोचा होगा और search भी किया होगा कि ये क्या है और ये “#more” आता कहां से है और इसको ठीक कैसे करना है क्योंकि इस समस्या की वजह से वेबसाइट की लोडिंग स्पीड कम हो जाती है जिसकी वजह से वेबसाइट पर traffic आना धीरे – धीरे कम हो जाता है, youtube पर काफ़ी videos है #more को लेकर लेकिन सभी plugin install करने की सलाह देते हैं तो आज के इस आर्टिकल में #more की इस समस्या से आपको permanent छुटकारा मिल जाएगा वो भी बिना किसी Plugin का उपयोग किए, आप सभी का techaasvik.com में स्वागत है तो आर्टिकल को शुरु करते हैं बिना समय गंवाए।

Permalink Se more Kaise Remove Karen

Permalink से #more क्यों हटाना चाहिए

एक ब्लॉगर के लिए ये जानना बेहद जरूरी है की Permalink Seo का एक सबसे important part होता है अगर इसमें कुछ भी गड़बड़ होती है तो इसका सीधा असर वेबसाइट की रैंकिंग पर पड़ता है, जिससे वेबसाइट पर की गई मेहनत चुटकियों में बर्बाद हो जाती है। इसलिए Permalink में कुछ भी extra add नहीं होना चाहिए, अगर ऐसा कुछ होता भी है तो उसको तुरंत solve करना जरुरी होता है।

Permalink से #more कहां से आता है

जब भी आप अपनी कोई भी post को “read more” के option पर क्लिक करके ओपन करते हैं तब post की permalink में #more लिखा दिखाईं देता है पर ये कुछ ही post में दिखाईं देता है हर किसी में नहीं, इसका ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि इसको ठीक नहीं करना है बल्कि इस प्रॉब्लम को जल्द से जल्द solve करना है।

Read More

Top 10 Tips for Blogging Success In Hindi 2023

Permalink से #more कैसे Remove करें

blogging kya hai

  • इसके लिए आपको अपनी वेबसाइट के एडमिन पैनल में Login करना होगा , जिसमे आप GeneratePress की premium theme Use कर रहे हैं।
  • अब आपको appearances के option पर क्लिक करके theme editor को सिलेक्ट करना है।
  • Right Side ▶️ में function.php दिखाईं देगा उसके उपर क्लिक करना है।
  • आपको थोड़ा नीचे की तरफ़ scroll करना है और इस sentence को find करना है
 load_theme_textdomain( ‘generatepress’ ); 
  • ये sentence code आपको नीचे 26 या 27 वी लाइन में लिखा मिलेगा।
  • इस लाइन के नीचे आपको एक code paste करना है, जो नीचे दिया गया है उसको copy कर लिजिए।
add_filter( 'generate_more_jump', '__return_false' );

अगर ये code copy होने में कोई समस्या आती है तो यहां पर क्लिक करें। 

  • अब आपको update file पर क्लिक करना है।

अब आप किसी भी post को ओपन करके देख सकते हैं, आपको अब किसी भी Permalink में #more लिखा हुआ दिखाई नहीं देगा और आपकी पुरानी publish की गई पोस्ट की Permalink से भी #more खुद remove हो जायेगा क्योंकि इसका permanent इलाज हो गया है।

Telegram

अगर आपको ये process समझ नहीं आ रहा है तो इसको एक बार और पढ़ें, अगर तब भी आपको कोई परेशानी आती है तो आप Telegram पर हमसे संपर्क कर सकते हैं 24/7 सेवा उपलब्ध है। धन्यवाद राधे राधे।

FAQs

Permalink एक URL address होता है जो Post और Pages के लिए एक permanent address होता जिसके ज़रिए Post का पता लगाया जा सकता है।

Permalink Seo का एक important part होता है, permalink एक ऐसा माध्यम होता है जिसे लोग search engine में search करते हैं, जिससे लोगों को आपकी साइट पर पहुंचने में मदद मिलती है एसईओ की दृष्टि से, समझते हुए कि परमालिंक उन लोगों तक पहुंच पाने में मदद करता है जो कि आपके साइट के आंकड़ों को सर्च इंजन में खोजते हैं।

हां, अगर आप Permalink बदलना चाहते हैं, तो परमालिंक को बदला जा सकता है।

WordPress में Permalink के Formate %postname% होता है, जिससे आपको post का नाम या फिर slug याद करने में आसानी होती है।

Permalink को 50 Words से कम रखना चाहिए।

जी हां, परमालिंक में नंबर का उपयोग कर सकते हैं 

May 4, 2023 0 comments
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